पिंपरी। सातवें माह में हुए गर्भपात की जानकारी छिपाने के लिए एक चार माह की बच्ची को अगवा किये जाने का मामला सामने आया है। 17 फरवरी को पिंपरी चिंचवड़ से सटे चाकण इलाके में एक चार माह की बच्ची के अपहरण की घटना घटी थी। इस वारदात को सुलझाते हुए पिंपरी चिंचवड़ पुलिस ने बच्ची को चुरानेवाली एक महिला को गिरफ्तार करते हुए बच्ची को सही सलामत अपने कब्जे में लिया है। इस महिला का गर्भपात हो गया था जिसे छिपाने के लिए उसने इस वारदात को अंजाम दिए जाने की जानकारी सामने आई है।
रानी शिवाजी यादव (28, निवासी कुत्तर विहीर, आंबेजोगाई, जिला बीड) ऐसे गिरफ्तार की गई महिला का नाम है। अपहृत बच्ची का नाम धनश्री राजेंद्र नागपुरे है। इस बारे में राजेंद्र प्रभाकर नागपुरे (53, निवासी वाफगावकर चाल, मार्केटयार्ड के पास, चाकण, पुणे) ने चाकण पुलिस थाने में शिकायत दर्ज कराई है। अपह्रत बच्ची को हासिल करने और अपहरणकर्ता महिला को बीड से गिरफ्तार करने के बाद पुलिस बच्ची के सही माता- पिता की तलाश कर रही है। क्योंकि पुलिस जांच में यह सामने आया है कि शिकायतकर्ता नागपुर धनश्री के सही अभिभावक नहीं है।
पुलिस आयुक्त कृष्ण प्रकाश ने एक संवाददाता सम्मेलन में इसकी जानकारी देते हुए बताया कि, 17 फरवरी को राजेंद्र प्रभाकर नागपुरे के घर से चार महिने की बच्ची का अपहरण किया गया। इस मामले में गिरफ्तार की गई रानी काम की तलाश में चाकण आयी थी। उसे राजेंद्र घर के पास काम मिला। उसने उनका विश्वास जीता फिर चार महिने की बच्ची धनश्री का अपहरण करके फरार हो गई। इस मामले की जांच में जुटी चाकण पुलिस ने इलाके के 100 से ज्यादा सीसीटीवी फुटेज खंगाले। इसमें अपहरणकर्ता रानी पर शक हुआ जो चाकण की मेदनकरवाड़ी के बालाजीनगर में रहती थी और वारदात के बाद से नदारद थी।
पुलिस टीम ने रानी का स्केच बनाकर उसकी तलाश शुरू की। बाद में  बीड स्थित अंबेजोगाई में उसका घर ढूंढ निकाला और उसे हिरासत में लेकर बच्ची को छुड़ाया। पूछताछ में उसने स्वीकार किया कि उसका सातवें माह में गर्भपात हो गया था। इस बात को पति से छिपाने के लिए उसने चाकण से बच्ची का अपहरण किया और पति को उसे अपनी बच्ची बताकर पेश किया। पुलिस की जांच में यह सामने आया कि नागपुरे बच्ची के सही अभिभावक नहीं हैं। पुणे में शिक्षा ले रहे एक युगल की यह संतान है। प्रेम संबन्ध में गर्भवती होने पर युगल ने चाकण के अस्पताल में नागपुरे के नाम से इस बच्ची को जन्म दिया। बाद में बच्ची को नागपुरे के हवाले कर दिया जिन्होंने इसके पालन पोषण की जिम्मेदारी उठाई।
पुलिस आयुक्त कृष्ण प्रकाश ने बच्ची के मूल माता-पिता से धनश्री की जिम्मेदारी स्वीकार करने की अपील की है। इस वारदात की गुत्थी सुलझाने वाली पुलिस टीम में चाकण विभाग के सहायक पुलिस आयुक्त रामचंद्र जाधव, वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक अशोक राजपूत, उपनिरीक्षक प्रमोद कठोरे, विजय जगदाले, अंमलदार सुरेश हिंगे, राजू जाधव, आर एम झनकर, हनुमंत कांबले, संदीप सोनवणे, अनिल गोरड, मछिंद्र भांबुरे, निखिल वर्पे, मनोज साबले, अशोक दिवटे, नितीन गुंजाल, प्रदीप राले, सुप्रिया गायकवाड का समावेश है।

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