अयोध्या फैसले की बेंच में शामिल अब्दुल नज़ीर को मिली जेड सुरक्षा, पीएफआई से मिली थी धमकी

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नई दिल्ली, पोलिसनामा ऑनलाईन –  सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस एस अब्दुल नज़ीर और उनके परिवार को जेड सिक्योरिटी देने का फैसला किया गया है. जस्टिस नज़ीर सुप्रीम कोर्ट की उस बेंच का हिस्सा थे जिसने हाल ही में अयोध्या को लेकर फैसला दिया था. उन्हें सुरक्षा देने का फैसला पॉपुलर फ्रंट ऑफ़ इंडिया की धमकी के बाद लिया गया है.
गृह मंत्रालय ने दिया निर्देश 

गृह मंत्रालय ने सुरक्षा एजेंसियों से जस्टिस नज़ीर को पीएफआई से मिली धमकी की चेतावनी मिलने के बाद सीआरपीएफ और स्थानीय पुलिस को निर्देश दिए है कि वह जस्टिस नज़ीर और उनके परिवार को सुरक्षा दे.

22 जवान तैनात रहेंगे 
अब्दुल नज़ीर और उनके परिवार को कर्नाटक और देश के अन्य हिस्सों में सुरक्षा देने के लिए सीआरपीएफ और पुलिस के जवान तैनात कर दिए गए है. जेड सुरक्षा कवर में पैरामिलिट्री और पुलिस के 22 जवान तैनात रहते है.

सुप्रीम कोर्ट ने शनिवार 9 नवंबर को ऐतिहासिक फैसला देने हुए रामजन्म भूमि मंदिर को रामलला विराजमान को देने का फैसला सुनाया था.

अब्दुल नज़ीर उस बेंच का भी हिस्सा रहे है जिसने 2017 में ट्रिपल तलाक को असंवैधानिक करार दिया था.
नज़ीर ने 18 फरवरी 1983 में एक वकील के रूप में करियर शुरू किया था. जस्टिस नज़ीर को मई 2003 में कर्नाटक हाईकोर्ट में ही अतिरिक्त न्यायाधीश के रूप में नियुक्त किया गया था.
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