BIG NEWS: SC / ST आरक्षण की समय सीमा अगले 10 सालों तक बढ़ी, केंद्रीय कैबिनेट ने दी ‘मंजूरी’

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नई दिल्ली: पोलीसेनमा ऑनलाइन – देश में आरक्षण का मुद्दा हमेशा से महत्वपूर्ण और संवेदनशील रहा है। आज कैबिनेट की बैठक में लोकसभा और राज्य विधानसभा के लिए अनुसूचित जाति और  जनजातियों (एसी, एसटी) के आरक्षण को 10 साल के लिए बढ़ाने का महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया है। इससे पहले साल 2009 में, आरक्षण बढ़ाने का निर्णय लिया गया था.

देश में राजनीतिक आरक्षण का मुद्दा महत्वपूर्ण रहा है. चुनाव के दौरान, इस आरक्षण के आधार पर कई दलों द्वारा अपने उम्मीदवारों का चयन किया जाता है. इसलिए, यह आरक्षण राजनीतिक दलों और पार्टी के उन-उन जाति के उम्मीदवारों के लिए महत्वपूर्ण है.

यह आरक्षण संविधान के आर्टिकल 334 के अनुसार लोकसभा और विधानसभा चुनावों में लागू किया गया है. लेकिन उस समय यह आरक्षण 10 साल के लिए लागू किया गया था, फिर 10 साल के लिए बढ़ाया गया और अब फिर से इसे 10 साल और बढ़ाने का फैसला लिया गया है. यह आरक्षण हर 10 साल में बढ़ाया जाता है. यूपीए सरकार ने 2009 में इस आरक्षण को 10 साल के लिए बढ़ाने का फैसला किया था. आरक्षण की समय सीमा 25 जनवरी, 2020 तक समाप्त होने वाली थी. लेकिन आज की कैबिनेट बैठक में आरक्षण की समय सीमा बढ़ा दी गई है.

अब इस फैसले को संसद में मंजूरी प्राप्त करनी होगी. संसद की मंजूरी के बाद ही  यह आरक्षण अगले 10 वर्षों यानी 2030 तक  के लिए लागू होगा. लेकिन अगर संसद से मंजूरी नहीं मिली तो इसका परिणाम आगामी विधानसभा चुनावों में देखने को मिलेगा. लेकिन इसकी संभावना बहुत कम है.

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