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कोलकाता. ऑनलाइन टीम : बंगाल में विधानसभा चुनाव का घमासान तेज होता जा रहा है। बड़े-बड़े बोल सामने आ रहे हैं। भाजपा तृणमूल कांग्रेस को जड़ से उखाड़ देना चाहती है, तो तृणमूल कांग्रेस भाजपा को अपने गढ़ में घुसने नहीं देना चाहती है। इस बीच, असदुद्दीन ओवैसी मुसलमानों की संख्या बल के बूते बंगाल में अपना परचम लहराना चाहते हैं। लड़ाई रोज नए तेवर में सामने आ रही है।

बसीरहाट से तृणमूल कांग्रेस की सांसद व अभिनेत्री नुसरत जहां अब हमलावर हैं। भाजपा को कोविड-19 से ज्यादा खतरनाक वायरस बताते हुए कहा कि भाजपा सिर्फ हिंदू-मुसलमान के बीच दंगा कराती है।  अगर भाजपा सत्ता में आई तो मुस्लिमों के उलटे दिन शुरू हो जाएंगे। नुसरत जहां जहां जाती हैं, ममता बनर्जी का गुणगान करती हैं। वे साफ कहती हैं कि बंगाल के लोगों के लिए ‘दीदी’ ने जितना किया है उतना किसी ने नहीं किया है।

65 साल की उम्र में भी वो लोगों के लिए लड़ रही हैं। दूसरी तरफ, विपक्षी दल राजनीति को बिजनेस की तरह देख रहे हैं। उनके पास बहुत पैसे हैं, जबकि ममता बनर्जी के पास सिर्फ उनका काम और इमोशन है। उनके पास बंगाल की जनता और यहां के कल्चर के लिए बेशुमार प्यार है। इसी को बेस बनाकर लोगों के पास पहुंचना है। लोगों को यही बताना है कि वो सही सुनें और सही चुनें।

नुसरत जहां के ममता गुणगान और मुसलमानों की उल्टी गिनती वाले बयान पर पलटवार करते हुए भाजपा आईटी सेल के प्रमुख अमित मालवीय ने पार्टी पर मुस्लिम तुष्टीकरण का आरोप लगाया। मालवीय ने लिखा, ‘बंगाल में वैक्सीन पर सबसे खराब राजनीति हो रही है।

पहले ममता बनर्जी की कैबिनेट के मौजूदा मंत्री सिद्धिकुला चौधरी ने वैक्सीन ले जा रहे ट्रक को रुकवा दिया। अब एक तृणमूल सांसद मुस्लिम बहुल इलाके देगंगा में चुनाव प्रचार करते हुए भाजपा की तुलना कोरोना से कर रही हैं। जनता उनके इस बयानबाजी को समझ रही है और आने वाले दिन में वोट के जरिये इसका जवाब भी देगी। मुसलमान बेवकूफ नहीं है। आप धर्म को आधार बनाकर राजनीति नहीं कर सकते हैं। आप धर्म को आधार बनाकर लोगों को भड़का नहीं सकते हैं।

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