चीन के वैज्ञानिक का दावा- 4 हफ्ते में सब ठीक हो जाएगा और फिर कोई कोरोना हमला नहीं करेगा

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बीजिंग. पोलिसनामा ऑनलाइन – चीन के एक वैज्ञानिक ने दावा किया है कि 4 हफ्तों में पूरी दुनिया पहले जैसे हो जाएगी। कोरोना के नए मामलों मे तेजी से कमी आएगी।  साथ ही यह भी कहा है कि अब कोरोना परिवार का दूसरा वायरस कोई हमला नहीं करेगा। ये भविष्यवाणी डॉ. झांग नैनशैन ने की है। कोरोना वायरस को लेकर जारी लड़ाई में वे प्रमुख टीम के प्रधान भी हैं। उनका कहना है कि हमने मॉनिटरिंग सिस्टम को इतना मजबूत कर दिया है कि कोरोना वायरस हमला कर ही नहीं पाएगा। उन्होंने कहा कि इस वायरस से लड़ने के दो ही तरीके हैं-या तो संक्रमण को फैलने से रोकें या फिर संक्रमण के दर को काफी कम करें। दोनों में ही हमें वैक्सीन बनाने का समय मिल जाएगा और इस बीमारी को जड़ से खत्म किया जा सकता है। एक तरीका यह भी अपना सकते हैं संक्रमितों की चेन ऐसी करें कि दूसरा मरीज आने में समय लगे, मतलब संक्रमण देर से फैले, तो भी वैक्सीन बनाने का समय मिल सकेगा।

बता दें कि कोरोना वायरस कथित रूप से चीन के वुहान स्थित प्रयोगशाला से लीक हुआ, तो बड़ा सवाल यह है कि चीन लॉकडाउन के बहाने दूसरे देशों के विशेषज्ञों, यहां तक कि विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) की टीम को भी कोरोना की उत्पत्ति वाले शहर वुहान में जांच के लिए क्यों नहीं आने देना चाहता? क्या चीन कोरोना नोवेल (कोविड-19) वायरस को लेकर कुछ छिपा रहा है और कोरोना उसका कोई जैविक हथियार है? शक इसलिए भी गहराता है, क्योंकि चीन ने इस वायरस को कुछ समय के बाद ही कंट्रोल कर लिया। वहाँ 3200 मौतों के बाद जिस तरह अचानक मौतों का सिलसिला कमोवेश थम-सा गया, उससे यह सवाल उभर रहा है कि क्या चीन के पास पहले से कोई एंटी कोरोना दवाई उपलब्ध थी? जबकि इसी चीन से दुनिया भर में फैला यही कोरोना तबाही मचा रहा है।

इटली जैसे देश में तो मरने वालों की संख्या चीन से दोगुनी से भी ज़्यादा हो गयी है। हालत यह कि लाशें दफनाने के लिए कब्रें कम पड़ गयी हैं। चीन पर शंका की एक और वजह है। चीनी सरकार ने उन डॉक्टरों और व्हिसल ब्लोअरों (जासूसों) को सेंसर किया और यहाँ तक कि हिरासत में भी लिया, जिन्होंने कोरोना को लेकर लोगों को अलार्म करने की कोशिश की। चीन के मशहूर डॉक्टर ली वेनलियान्ग (34) ने सबसे पहले कोरोना वायरस और उसके गम्भीर खतरों को लेकर लोगों को जागरूक करने की कोशिश की। वही कोरोना की जानकारी दुनिया के सामने लेकर आये और कई लोगों को इस संक्रमण से बचाया। फिर अचानक चीन के सरकारी मीडिया और फिर विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्लूएचओ) ने उनकी मौत की खबर दी। सवाल ये उठे हैं कि क्या ली वेनलियांग किसी साज़िश का शिकार हुए हैं या फिर उनकी जान भी उसी वायरस ने ले ली, जिसके खतरों को लेकर उन्होंने दुनिया को जागरूक किया! अब एक और वैज्ञानिक ने कोरोना की असलियत बताने की कोशिश की है। दुनिया को कोरोना से लड़ने देने की रणनीति का खुलासा किया है।

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