ventilator

मैसाचुसेट्स.पोलिसनामा ऑनलाइन – अमेरिका में कोरोना के एक मरीज की दिलचस्प कहानी सामने आई है। मैसाचुसेट्स के 49 साल के जिम बेलो पेशे से वकील हैं, लेकिन एथलेटिक्स में भी हिस्सा लेते रहे हैं। वे हेल्दी थे और पहले से उन्हें कोई बीमारी नहीं थी, लेकिन कोरोना से वे बुरी तरह बीमार हो गए। डॉक्टरों ने पत्नी किम बेलो को भी बता दिया था कि उनके बचने की संभावना कम है और मौत की आशंका अधिक। तीन बच्चों के पिता जिम बेलो का इलाज मैसाचुसेट्स जनरल हॉस्पिटल में किया गया। 32 दिन तक वेंटिलेटर पर रखा गया।

इस दौरान 9 दिन तक उन्हें आर्टिफिशियल हार्ट-लंग मशीन के सहारे जीवित रखा गया। उसके बाद जिम बेलो के फेफड़े ने काम करना लगभग बंद कर दिया और डॉक्टर ने उनके फेफड़ों का एक्सरे देखकर कह दिया कि उन्होंने अब तक जितने एक्सरे देखे हैं, यह सबसे खराब है। जब उनकी तबीयत बिगड़ती चली गई तो एक दिन डॉक्टर ने उनकी पत्नी किम बेलो को मिलने के लिए बुलाया। मुलाकात के दौरान पत्नी बताती रहीं कि उन्हें जिम बेलो की कितनी जरूरत है। उन्हें लड़ना होगा। वे उन्हें छोड़कर नहीं जा सकते। डॉक्टरों ने पत्नी को मुलाकात के लिए सिर्फ 15 मिनट का वक्त दिया था, लेकिन बाद में तीन घंटे तक डॉक्टरों ने उन्हें मिलने दिया। पत्नी उनके बेड के पास 3 घंटे तक रही।

यह उनकी जिंदगी का सबसे खराब वक्त था। आप इसे कम करके नहीं देख सकते कि इस तरह की चीजें कितना बदलाव ला सकती हैं। पत्नी से मुलाकात के सिर्फ तीन दिन के बाद एक्सरे में डॉक्टरों को उम्मीद की पहली किरण नजर आई। इसके बाद जिम बेलो की हालत लगातार बेहतर होने लगी। आखिरकार 14 अप्रैल को जिम बेलो को वेंटिलेटर से हटा दिया गया और वे खुद सांस लेने लगे। अब वे अपने घर भी लौट आए हैं।

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