मुंबई, 9 नवंबर – मैं डॉक्टर नहीं हूं फिर भी मैं किसी को इंजेक्शन दे सकता हूं। डॉक्टर नहीं होने के बावजूद इंजेक्शन देना चाहिए। यह कहते हुए मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने विरोधियों पर निशाना साधा है। रविवार को हंसते-हंसते यह प्रतिक्रिया दी। साथ ही उन्होंने कह कि मेरे कहे का शाब्दिक अर्थ निकाल कर आप किसी को भी इंजेक्शन नहीं दे दे। इस दौरान मौजूद सभी लोग हंसने लगे।
कल्याण पश्चिम के आर्टगैलरी में कल्याण-डोंबिवली मनपा दवारा बनाये गए कोविड हॉस्पिटल का ऑनलाइन लोकार्पण मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे के हाथों रविवार को किया गया।

इस मौके पर उन्होंने सांसद डॉ. श्रीकांत शिंदे के कार्यों की प्रशंसा करते हुए अप्रत्यक्ष रूप से विरोधियों पर निशाना साधा। इससे पहले कार्यक्रम की शुरुआत में भाजपा सांसद कपिल पाटिल ने कहा कि जनता का कार्य करने के लिए डॉक्टर होने की जरुरत नहीं है। भिवंडी क्षेत्र में कोविड हॉस्पिटल नहीं है जिससे जनता का हाल बुरा हुआ। उन्होंने मांग की कि भिवंडी के नागरिकों का कल्याण में इलाज हो।

पालकमंत्री एकनाथ शिंदे के कार्यों की तारीफ करते हुए पाटिल ने मामले को सामान्य करने की कोशिश की। पाटिल दवारा ली गई चुटकी का शिंदे ने जबाव दिया। उन्होंने कहा कि कोविड हॉस्पिटल पाटिल के लोकसभा क्षेत्र में बना है। मैं काम करने में भेदभाव नहीं करता हूं पालकमंत्री एकनाथ शिंदे ने कहा कि श्रीकांत शिंदे डॉक्टर है इसलिए उन्हें स्वास्थ्य को लेकर जानकारी है। मान्यवरों की भाषण में डॉटरबाजी शुरू रहती है। इस दौरान मुख्यमंत्री ने अपने इंजेक्शन की बात करके सबको चुप कराया।

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