बढ़ेगी और ताकत… कल वायुसेना में शामिल होगा तेजस से लैस दूसरा बेड़ा

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नई दिल्ली : समाचार ऑनलाइन –  भारतीय वायुसेना तमिलनाडु के कोयंबटूर स्थित सुलुर एयरबेस पर स्वदेश में निर्मित अपने हल्के लड़ाकू विमान तेजस से लैस दूसरे बेड़े के संचालन की शुरुआत बुधवार को करेगी। तेजस चौथी पीढ़ी का लड़ाकू विमान है, जिसे एयरोनॉटिकल डेवलपमेंट एजेंसी और हिंदुस्तान एरोनॉटिक्स लिमिटेड (एचएएल) द्वारा विकसित किया गया है। भारतीय वायुसेना ने पहले ही 40 तेजस विमानों का आर्डर दिया है और जल्दी ही एचएएल को 83 और विमानों का आर्डर दिया जा सकता है, जिसमें लगभग 38,000 करोड़ रुपये खर्च होंगे।

‘फ्लाइंग बुलेट्स’ : वायुसेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल आरकेएस भदौरिया इसकी शुरुआत करेंगे। इस स्क्वाड्रन का कूट नाम ‘फ्लाइंग बुलेट्स’ रखा गया है। वायुसेना के एक प्रवक्ता ने कहा, “स्क्वाड्रन (बेड़े) में हल्के लड़ाकू विमान तेजस को शामिल किया जाएगा और तेजस विमानों वाली भारतीय वायुसेना की यह दूसरी स्क्वाड्रन होगी।”

‘तीव्र और निर्भय’ : तेजस से लैस दूसरी और वायुसेना की 18वीं स्क्वाड्रन की स्थापना 1965 में की गई थी और इसका आदर्श वाक्य है ‘तीव्र और निर्भय’। पाकिस्तान के साथ 1971 के युद्ध में सक्रिय भूमिका निभाने वाली इस स्क्वाड्रन को 15 अप्रैल 2016 को सेवामुक्त कर दिया गया था। इससे पहले इसमें मिग-27 विमान शामिल थे। स्क्वाड्रन को 01 अप्रैल 2020 को पुनः शुरू किया गया था। इस स्क्वाड्रन को नवंबर 2015 में राष्ट्रपति द्वारा ध्वज प्रदान किया गया था।

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