मुंबई, 18 जून : कोरोना संकट की वजह से देश के लाखों लोगों की नौकरी चली गई है। कई लोगों के रोजगार खत्म हो गए, करोड़ो लोगो को वेतन में की गई कटौती को बर्दाश्त करना पड़ा है। इसकी वजह से कई लोगों का बजट ख़राब हो गया है। ऐसे में अब ग्राहकाउपयोगी वस्तुओं की कीमत में बढ़ोतरी की संभावना है। ऐसे में जुलाई से टीवी, फ्रिज, एसी, लैपटॉप की कीमत बढ़ सकती है। कच्चे माल की कीमत बढ़ने से उत्पादन खर्च में बढ़ोतरी हो गई है। ऐसे में अब इलेक्ट्रॉनिक वस्तुओं की कीमत में भी बढ़ोतरी की आशंका है।

इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों को तैयार करने के लिए छोटे छोटे पार्ट्स लगते है। लॉकडाउन की वजह से छोटे छोटे पार्ट्स का उत्पादन कम हुआ है। इसकी वजह से इसकी कीमत बढ़ गई है। लेकिन लॉकडाउन के प्रतिबंधों में छूट दिए जाने के बाद रिटेल दुकानें खुल गई है. दिनभर दुकानें खुली रहने की वजह से ग्राहकों को आकर्षित करने के लिए विभिन्न तरह से ऑफर दिए जा रहे है। बिक्री बढ़ाने के लिए दुकानदार हरसंभव प्रयास कर रहे है।

2021 में अब तक दो कंपनियों ने इलेक्ट्रॉनिक उत्पादनों की कीमत में बढ़ोतरी की है। इसमें और भी बढ़ोतरी होने की संभावना है। जुलाई में इलेक्ट्रॉनिक वस्तुओं की कीमत 10% बढ़ सकती है। माइक्रोप्रोसेसर और पैनल की कमी, कच्चे माल के साथ तांबे की कीमत में बढ़ोतरी हुई है। छोटे छोटे पार्ट्स पर बढ़ाई गई कस्टम ड्यूटी के कारण उत्पादन की कीमत बढ़ गई है।

वर्क फ्रॉम होम कल्चर बढ़ने, ऑनलाइन पढ़ाई के कारण लैपटॉप की मांग बढ़ गई है। इसकी कीमत में 5 से 7% की बढ़ोतरी हुई है। यह बढ़ोतरी बने रहने की आशंका है। ग्राहकों की क्रय शक्ति कम होने से कंपनियां कम से कम कीमत बढ़ोतरी का प्रयास कर रही है। ऐसे में कीमत बढ़ोतरी का कुछ बोझ ग्राहकों पर डालकर कंपनियां खुद का बोझ थोड़ा कम कर रही है।

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