नाकाम नहीं हुआ है मिशन चंद्रयान 2, सामने आ सकती है तस्वीरें, जानें कैसे !

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बेंगलुरु : पुलिसनामा ऑनलाइन – भारत का महत्वाकांक्षी मिशन चंद्रयान-2‘ के लैंडर ‘विक्रम’ का चांद पर उतरते समय जमीनी स्टेशन से भले ही संपर्क टूट गया हो लेकिन पूरा मिशन अब भी नाकाम नहीं हुआ है। जब लैंडर विक्रम से 2.1 किलोमीटर पर इसरो के कंट्रोल रूम का संपर्क टूट गया। तब इसरो के वैज्ञानिकों में निराशा छा गई। उस वक़्त देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आगे आये और सभी वैज्ञानिकों का हौसला बढ़ाया। प्रधानमंत्री ने कहा कि हौसला रखें। जीवन में उतार-चढ़ाव आते रहते हैं। यह कोई छोटी उपलब्धि नहीं है।

इस बीच एक बड़ी जानकारी हम आपको दे रहे है। भले ही लैंडर से संपर्क टूट गया हो। लेकिन ऑर्बिटर अब भी चांद के आसपास चक्कर काट रहा है। अब इसरो समेत पूरे देश की नजरें ऑर्बिटर पर टिकी हुई है। बता दें कि ऑर्बिटर करीब एक साल तक चांद का चक्कर काटेगा और वहां की अहम जानकारी इसरो को भेजेगा। ऐसे में अब चांद के अगले अभियानों के लिए ऑर्बिटर से मिलने वाली जानकारी अहम हो सकती हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, इसरो के एक अधिकारी बताया कि ‘मिशन का सिर्फ पांच प्रतिशत -लैंडर विक्रम और प्रज्ञान रोवर- नुकसान हुआ है, जबकि बाकी 95 प्रतिशत -चंद्रयान-2 ऑर्बिटर- अभी भी चंद्रमा का सफलतापूर्वक चक्कर काट रहा है।’

ऑर्बिटर एक साल तक चांद का चक्कर लगाएगा। ऑर्बिटर चंद्रमा की कई तस्वीरें लेकर इसरो को भेज सकता है। अधिकारी ने कहा कि ऑर्बिटर लैंडर की तस्वीरें भी लेकर भेज सकता है, जिससे उसकी स्थिति के बारे में पता चल सकता है। गौरतलब हो कि चंद्रयान-2 अंतरिक्ष यान में तीन खंड हैं -ऑर्बिटर, विक्रम और प्रज्ञान। विक्रम दो सितंबर को आर्बिटर से अलग हो गया था। इसरो के एक वैज्ञानिक के मुताबिक, दुर्घटनाग्रस्त होने की वजह से लैंडर से संपर्क टूट गया होगा।

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