मोदी सरकार की बड़ी कार्रवाई, एक ही झटके में इनकम टैक्स विभाग के 12 भ्रष्ट अधिकारियों को नौकरी से निकाला 

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नई दिल्ली : पोलीसनामा ऑनलाईन – भ्रष्टाचार और बिज़नेस में गड़बड़ी के आरोप वाले 12 इनकम टैक्स अफसर पर कार्रवाई  करते हुए मोदी सरकार ने एक साथ सभी को घर का रास्ता दिखा दिया है । इनकम टैक्स विभाग के इन बड़े अधिकारियों पर देश में पहली बार इतनी बड़ी कार्रवाई की गई है. ये सभी आयुक्त स्तर के कर्मचारी है । ये सभी न्यायिक जांच में दोषी पाए जाने के बाद भी सेवा में बने हुए थे ।   इस कार्रवाई  के लिए सरकार ने नियम 56 अ के  अनुसार मिले आपतकालीन अधिकार का इस्तेमाल  किया है । इन अधिकारियों को नौकरी से  निकाल कर जबरन रिटायरमेंट दे दिया  गया है।
नौकरी से निकाले गए अधिकारियों में 1985 बैच के आईआरएस अधिकारी अशोक अग्रवाल का नाम शामिल है । वे ईडी में कार्यरत थे । उनके खिलाफ कई मामले चल रहे थे । नोयडा में अपील आयुक्त रहे एस.के. शश्रीवास्तव के खिलाफ आयुक्त स्तर की दो महिला आईआरएस अधिकारियों के साथ लैंगिक अत्याचार के मामले में नौकरी से निकाला गया है । मुंबई के इनकम टैक्स आयुक्त रहे अजोय कुमार सिंह को सीबीआई ने 2007 में गिरफ्तार किया था. 2009 में उन्हें निलंबित कर दिया गया था । इसके बावजूद वे 10 वर्षों से सेवा में बने हुए थे । उन्हें अब स्थाई रूप से घर भेज दिया गया है ।
अधिकारी बी. आरूलप्पा के खिलाफ चल रहे  कई मामले में दोषी पाए जाने के बाद सरकार को 16 करोड़ 68 हज़ार का नुकसान उठाना पड़ा था । जबकि अलोककुमार मित्रा  भ्रष्टाचार और वसूली के कई मामले में  शामिल थे । उनके दवारा दिए  गए कई ;गलत निर्णय को अपील प्राधिकरण ने ख़ारिज कर दिया था । राजवंश पर 3 करोड़ 17 लाख रुपए की बेहिसाब संपत्ति जमा करने का आरोप पर ये कार्रवाई की गई है । बी. बी राजेंद्र प्रसाद को सीबीआई ने घुस लेने के आरोप में गिरफ्तार किया था । उन्हें 2 मई 2017 को निलंबित किया गया था ।
चंदर सैनी भारती को सीबीआई ने 30  लाख रुपए की रिश्वत लेते पकड़ा था.  उनके और उनकी पत्नी के पास 1 करोड़ 63 लाख 12 हज़ार रुपए की बेहिसाब संपत्ति मिली थी । अंदासू रविंदर को सीबीआई ने 50 लाख रुपए के साथ पकड़ा था । विवेक बात्रा के पास 1 करोड़ 27 लाख की संपत्ति मिली थी । स्वेताभ सुमन ने एक  बिजनेसमैन से 50 लाख रुपए की रिश्वत ली थी. इन सभी अधिकारियों को जांच में दोषी पाया गया था ।
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