मां तुझे सलाम…..लॉकडाउन ने दिया ‘ अनमोल’ वक्त

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नई दिल्ली : समाचार ऑनलाइन – मां बेटियों को सिर्फ अच्छी बातें ही बताती हैं और अपने ढेरों दर्द छिपा जाती हैं। अब इस लॉकडाउन के समय ने मां और युवा हो गई बेटियों को एक छत के नीचे एक साथ रहने का इतना समय दिया है कि समझ भरा असली प्यार छलक पड़ा है। एक-दूसरे को कुछ सीखने-सिखाने और मन की बातें बतियाने में बीत रहा है यह अनमोल वक्त। मदर्स डे के आलोक में प्रस्तुत हैं कुछ लोगों की अपनी-अपनी बात-

मेरी मां के आधुनिक विचार : लॉकडाउन में एक युवती को कंपनी ने वर्क फ्रॉम होम के लिए कहा तो वह अपने घर रुड़की आ गईं। अब मां हर तरह के सवाल पूछती हैं, जैसे कि रात में किससे बात करती हो? मैंने कभी नहीं सोचा था कि मेरी मम्मी इतना साथ देने वाली हैं कि मुझसे बोलेंगी कि तुम अपना पार्टनर पसंद कर सकती हो। इन दिनों में मैंने उनकी इस खासियत को पहचाना है।

पूरा वक्त ही बन गया आशीर्वाद :  कुवैत से एक पारिवारिक समारोह में हिस्सा लेने भारत आईं थीं प्रेरणा चटवाल, लेकिन लॉकडाउन के चलते वापस जा नहीं पाईं। पहले भी आती थी, लेकिन पूरे वक्त भागमभाग ही रहती थी। मॉम के साथ बैठकर लंबी बातें करने का मौका ही नहीं मिलता था। यह समय बेहतरीन है। खूब एंजॉय कर रही हूं मॉम के साथ। मैंने उनसे बेकिंग और कुकिंग सीखी है। यह समय मेरे लिए एक आशीर्वाद की तरह है। इसके लिए ईश्वर का आभार व्यक्त कर रही हूं।

क्रिएटिव चीजों पर बात : बारहवीं के बाद ही अपने घर जम्मू से पढ़ाई के सिलसिले में चंडीगढ़ चली गई थीं सान्या। अब वर्क फ्रॉम होम है कर रही हूं तो अपने ऑफिस की बातें बताती हूं और मम्मी स्कूल कोऑर्डिनेटर हैं तो वह अपने स्कूल की। हम क्रिएटिव चीजों पर ही बात करते हैं। लॉकडाउन के बाद जीवन में क्या बदलेगा, उस पर चर्चा करते हैं या फिर पुरानी बातें करते हैं। हाल ही में हमने पुराने एलबम निकाले और पुराना समय याद किया।

मां का पूरा ध्यान : टीवी एक्टर मदिराक्षी मुंडले स्कूल के बाद पढ़ाई के लिए भोपाल से इंदौर चली गई थीं। फिर कॅरियर के लिए मुंबई आ गईं। जब हमारे शो की शूटिंग कैंसिल हुई तो मैं मम्मी को अपनी बड़ी बहन के पास ठाणे से अपने पास सिटी में ले आई। मैं मां के लिए कुछ कर पा रही हूं तो इसकी खुशी है। जीवन में हर चीज दूसरी मिल सकती है, लेकिन मां नहीं। मैं हमेशा कोशिश करती हूं कि उन्हें आंखों पर बिठाकर रखूं।

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