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चेन्नै. ऑनलाइन टीम : दक्षिण भारत में असदुद्दीन ओवैसी को पैर जमाने के लिए कमल हासन जमीन देंगे। अवैसी इससे बेहद गदगद हैं और यही कारण है कि तमिलनाडु के राजनीतिक गलियारों में ‘तल्ख शांति’ बनी हुई है।

बता दें कि ओवैसी और कमल हासन की बीते कुछ दिनों से काफी पट रही है। ओवैसी ने जिस दिन कमल हासन के उस बयान का समर्थन किया था, जिसमें उन्होंने नाथूराम गोडसे के लिए कहा था कि राष्ट्रपिता की हत्या करने वाले को आतंकी कहना चाहिए, उस दिन ही साफ हो गया था कि तमिलनाडु में नई राजनीतिक पटकथा लिखी जा रही है। अब इसकी पुष्टि भी होने लगी है।

पार्टी से जुड़े एक सूत्र ने बताया, ‘ओवैसी सभी मुस्लिम दलों को साथ में लाकर चुनाव लड़ना चाहते हैं। AIMIM कमल हासन की पार्टी, नाम तमिलर और दूसरे छोटे दलों के साथ भी गठबंधन कर सकती है।’  कहा जा रहा है कि AIMIM और MNM मिलकर 25 सीटों पर चुनाव लड़ सकते हैं।2011 जनगणना के अनुसार, तमिलनाडु में 5.86 फीसदी मुस्लिम आबादी है। तमिलनाडु के वेल्लोर, रानीपेट, तिरुपत्तूर, कृष्णागिरि, रमननाथपुरम, पुडुकोट्टई, त्रिची, मदुरै और तिरुनेलवेली में मुस्लिम बहुल इलाके हैं। माना जा रहा है कि ओवैसी की पार्टी इन्हीं सीटों में चुनाव लड़ सकती है।

दरअसल, बिहार चुनाव में पांच सीटों पर जीत से अभिभूत असदुद्दीन ओवैसी अब अगले साल होने वाले विधानसभा चुनावों के लिए कमर कस रहे हैं। पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में अपने उम्मीदवार उतारने की ओवैसी पहले ही घोषणा कर चुके हैं।  ओवैसी ने सोमवार को तमिलनाडु के विधानसभा चुनाव को लेकर राज्य के पार्टी पदाधिकारियों के साथ चर्चा की। पार्टी के त्रिची और चेन्नै में जनवरी में मीटिंग करने की संभावना है। दूसरी ओर कमल हासन ने सोमवार को घोषणा की कि वह आने वाले चुनाव में जरूर मैदान में उतरेंगे। उन्होंने पत्रकारों से कहा कि वह किस सीट से चुनाव लड़ेंगे, इसकी घोषणा बाद में करेंगे।

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