पॉलिटिकल कंट्रोवर्सी…‘रास’ के पहले अपने ही छोड़ रहे ‘हाथ’ का साथ, गुजरात में बिखर रहा है कांग्रेस का कुनबा

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अहमदाबाद : समाचार ऑनलाइन – गुजरात में राज्यसभा चुनाव के ऐलान के बाद से कांग्रेस विधायकों के इस्तीफे का दौर जारी है। 19 जून को गुजरात में राज्यसभा की चार सीटों पर चुनाव हैं। 182 सदस्यों वाली विधानसभा में कांग्रेस के 66 विधायक हैं। कांग्रेस को अपने ही विधायक लगातार झटका दे रहे हैं। गुजरात की इन चार सीटों के अलावा देश भर में 20 अन्य सीटों पर भी चुनाव है। गुजरात विधानसभा में अभी 173 विधायक हैं। पार्टी को एक सीट जीतने के लिए पहली वरीयता वाले 35 वोट चाहिए। इससे पहले मार्च में भी कांग्रेस के पाँच विधायकों ने इस्तीफ़ा दे दिया था।

पार्टी सतर्क : इस नए राजनीतिक घटनाक्रम के बाद कांग्रेस प्रदेश में अपने विधायकों के टूटने को लेकर सतर्क हो गई है। पार्टी ने विधायकों को अलग-अलग समूह में अलग-अलग जगहों पर रखा है। अब तक 8 विधायक कांग्रेस का हाथ छोड़ चुके हैं। इसमें कर्जन से अक्षय पटेल, कपराडा से जीतू चौधरी और मोरबी से ब्रिजेश मेरजा हैं। ब्रिजेश मेरजा ने भी इस्तीफा स्पीकर को सौंपा। राज्यसभा चुनाव के ऐलान के बाद कांग्रेस के पांच विधायकों ने इस्तीफा दे दिया था। गढ्डा से प्रवीण मारू, लिंबडी से सोमा पटेल, अबडासा से प्रद्युम्न सिंह जडेजा, धारी से जेवी काकड़िया और डांग से मंगल गावित ने अपना इस्तीफा दिया था। वहीं, कल यानी गुरुवार को जिन दो विधायकों ने इस्तीफा दिया, वे अक्षय पटेल और जीतू चौधरी थे।

कांग्रेस ने उतारे हैं दो प्रत्याशी : कांग्रेस ने राज्यसभा चुनाव के लिए दो उम्मीदवारों- शक्ति सिंह गोहिल और भरत सिंह सोलंकी को मैदान में उतारा है। गोहिल को पहली वरीयता का वोट मिलेगा और उनका राज्यसभा के लिए निर्वाचित होना निश्चित है, लेकिन भरत सिंह सोलंकी का भविष्य अधर में लटका है। अब केवल प्रबंधन कौशल ही उन्हें निर्वाचित कर सकता है। विधायकों के इस्तीफे पर कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अर्जुन मोडवाडिया ने कहा कि बीजेपी हमारे विधायकों को लुभाने के लिए पैसे के साथ ही धमकी का इस्तेमाल कर रही है। अक्षय पटेल की खनन में व्यावसायिक हित हैं और इसलिए उन्हें लालच दिया गया है।

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