टैक्स बढ़ोतरी की सिफारिश पड़ा महंगा, 3 सीनियर IRS अधिकारियों पर कार्रवाई

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नई दिल्ली :  पोलिसनामा ऑनलाइन- देश में जारी कोरोना संकट के बीच तीन वरिष्ठ IRS अधिकारियों के खिलाफ चार्जशीट जारी किया गया है। केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (सीबीडीटी ) के सूत्रों ने ये जानकारी दी है। तीन वरिष्ठ राजस्व अधिकारियों द्वारा तैयार की गई विवादित रिपोर्ट के सार्वजनिक होने के बाद इस मामले में सीबीडीटी ने सख्ती से कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू कर दी है। सीबीडीटी सूत्रों के मुताबिक भारतीय राजस्व सेवा (आईआरएस ) के तीन वरिष्ठ अधिकारियों के खिलाफ चार्जशीट जारी किया गया है। इनके खिलाफ ये चार्जशीट सरकारी अधिकारियों के कंडक्ट नियम की अवहेलना करने के आधार पर जारी हुए हैं और इन तीनों को तत्काल प्रभाव से उनकी जिम्मेदारियों से हटा दिया गया है।

इनके द्वारा कोरोना संकट के दौरान सुपर रिच करदाताओं और विदेशी कंपनियों से ज्यादा टैक्स की वसूली की सिफारिश की गयी थी। बोर्ड के मुताबिक, इन अधिकारियों ने अनधिकृत रूप से टैक्स बढ़ाने की रिपोर्ट बनाई और युवा साथियों को गुमराह किया। इससे करदाताओं के बीच डर की स्थिति बन गई। राजस्व अधिकारियों ने फिस्कल ऑप्शंस एंड रेस्पॉन्स टू द कोविड-19 एपेडमिक (फोर्स) नाम से एक पेपर तैयार किया है। इंडियन रेवेन्यू सर्विस (आईआरएस) एसोसिएशन ने सेंट्रल बोर्ड ऑफ डायरेक्ट टैक्सेज (सीबीडीटी) के चेयरमैन पीसी मोदी को यह पेपर सौंप दिया है।

इसके बाद सोमवार को सीबीडीटी ने कहा था- सोशल मीडिया पर कुछ रिपोर्ट सर्कुलेट हो रही हैं। लेकिन हमने आईआरएस एसोसिएशन से ऐसी कोई रिपोर्ट नहीं मांगी। अधिकारियों ने अपने विचार सार्वजनिक करने से पहले कोई अनुमति नहीं ली। यह नियमों का उल्लंघन है। इसकी जांच हो रही है।

केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (सीबीडीटी) प्रत्यक्ष टैक्स नीतियों के लिए सर्वोच्च नीति बनाने वाली संस्था है। बोर्ड ने कहा था कि इसने आईआरएस एसोसिएशन या इन अधिकारियों से इस तरह की रिपोर्ट तैयार करने के लिए कभी नहीं कहा और इस रिपोर्ट को सार्वजनिक करने से पहले उनकी तरफ से कोई अनुमति नहीं मांगी गई थी। इसमें कहा गया था कि एक करोड़ रुपये से अधिक की आय वाले लोगों पर 30 से बढ़ाकर 40 प्रतिशत टैक्स लगाया जाना चाहिये। इसके अलावा पांच करोड़ से अधिक की सालाना आय वाले लोगों पर संपदा टैक्स या वेल्थ टैक्स लगाया जाए।

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