चक्रवाती तूफान से गुलाबों की खेती हुई बर्बाद

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पिंपरी : पोलिसनामा ऑनलाइन – चक्रवाती तूफान ने पुणे जिले के ग्रामीण हिस्सों में तबाही तांडव किया। सैकडों पेड़ उखड करके जमीन में धाराशायी हो गए। जिले में इस तूफान से तीन लोगों की मौत हुई है। कई लोगों के घरों के छप्पर, छत उड़ गए। घरों के साथ खेती बाड़ी को काफी नुकसान पहुंचा है, जिससे किसानों की चिंता बढ़ गई है। वहीं किसानों की फसलें, सब्जियां आदि की खेती पूरी तरह से बर्बाद हो गई। मावल तालुका के कामशेत में गुलाबों की खेती को काफी नुकसान पहुंचा है।

चक्रवाती तूफान तहस नहस करके किसान को बर्बादी कंगाली के हाल में छोडकर चला गया। कामशेत में विक्रम पॉलिहाऊस कंपनी ने सात एकड में गुलाबों की खेती की थी। इसमें से तीन एकड में सब्जी तरकारी की खेती थी। 20 मार्च से कोरोना लॉकडाउन की मार झेल रहे विक्रम पॉलिहाऊस के निदेशक राजकुमार मिश्रा ने बताया कि 1995 से वे गुलाबों की खेती का व्यवसाय कर रहे है। पिछले साल ही लोन लेकर 27 हजार 580 स्केवयर मीटर में 6 पॉलिहाऊस में गुलाब की ताजी खेती की थी। गुलाब तैयार होकर बाजारों में बिकने वाला ही था कि लॉकडाउन घोषित हो गया। दिन 15 हजार गुलाब फेंकना पडा।

लॉकडाउन में शिथिलता आने से उम्मीद जगी तो तूफान ने गुलाबों के पेडों को उखाड कर जमीन पर लेटा दिया। पत्राशेड को उखाड फेंकर दिया। 10 पेड लगे थे उसको जड से उखाड कर जमींदोज कर दिया। भाजी पाला की तीन एकड में खेती थी वो भी बर्बाद हो गई। समझ में नहीं आता कि अब क्या करें। 3 महिने मजदूरों को बैठकर संभाला अब हमको कौन संभालेगा यह विकट समस्या आन पडी। अब पूरा शेड तैयार करने के लिए महिनों लग जाएंगे। साथ ही उजडे खेती को संवारने के लिए वर्ष लग जाएगा। बहरहाल तूफ़ान से खंडाला परिसर में 100 से ज्यादा पेड धाराशायी होने की खबर है। पिंपरी चिंचवड शहर में कई जगह पेडों उखड़ गए हैं। शहरभर से पेड़ों को हटाने के लिए 48 घँटे का समय बीतेगा, ऐसा मनपा प्रशासन ने स्पष्ट किया है।

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