ये क्या ! मतदाता सूची से हटाये गये सैकड़ों नाम

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पुणे : पुलिसनामा ऑनलाईन – खड़की कैंटोन्मेंट बोर्ड (केसीबी) की सीमा में अतिक्रमण कर अवैध रूप से घर बनाने वालों के नाम बोर्ड की मतदाता सूची से हटा दिये गये हैं। केसीबी के 8 वार्ड्स में यह कार्रवाई की गई है। बता दें कि वर्ष 2016 में सुप्रीम कोर्ट ने देशभर के 62 कैंटोन्मेंट बोर्ड्स को आदेश दिया था कि वे कैंटोन्मेंट बोर्ड की सीमा में अतिक्रमण कर गैरकानूनी तरीके से बने घरों को मकान नंबर न दें तथा ऐसे लोगों के नाम मतदाता सूची से हटवाएं। इसी आदेश के मद्देनजर केसीबी प्रशासन द्वारा अपनी सीमा में अवैध रूप से बने घरों का सर्वे किया और उक्त कार्रवाई की। अब इन घरों के लोग बोर्ड के चुनाव में मतदान नहीं कर सकेंगे।

केसीबी की सीमा में 20,194 मतदाता हैं
खड़की कैंटोन्मेंट बोर्ड की ऑफिस सुपरिंटेंडेंट सुजा जेम्स ने बताया कि जुलाई 2019 तक की मतदाता सूची के अनुसार केसीबी की सीमा में 20,194 मतदाता हैं। बोर्ड द्वारा सुप्रीम कोर्ट के आदेश का पालन किया जा रहा है और ऐसे घरों को सर्वे नंबर भी नहीं दिया गया। बोर्ड की परिधि में आने वाली झोपड़पट्टी में रहने वाले लोगों के नाम भी वोटर लिस्ट से हटा दिये गये हैं। पिछले 3 साल से यह काम जारी है। हर साल गैरकानूनी तरीके से घर बनाने वालों के नाम मतदाता सूची से हटा दिये गये हैं। वार्ड नं। 1, 4 व 7 में कुछ अवैध घर पाये गये हैं। सुप्रीम कोर्ट का यह आदेश सिर्फ कैंटोन्मेंट बोर्ड के चुनाव के मद्देनजर दिया है। 5 साल पहले बोर्ड का चुनाव हुआ था। इस साल बोर्ड के सदस्यों का आखिरी वर्ष है। रक्षा विभाग के आदेश के मुताबिक कैंटोन्मेंट बोर्ड के चुनाव होते हैं।

जीएसटी के हिस्से हेतु फालोअप जारी खड़की कैंटोन्मेंट बोर्ड की ऑफिस सुपरिंटेंडेंट सुजा जेम्स ने बताया कि जकात व एलबीटी बंद होने से कैंटोन्मेंट बोर्ड की इन्कम घट गई है। जीएसटी का हिस्सा बोर्ड को मिलने के लिए केसीबी द्वारा केंद्र सरकार से फालोअप किया जा रहा है।

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