Industrialist Punit Balan

…अन्यथा सड़क पर उतरकर बड़ा आंदोलन खड़ा करेंगे

पुणे : पुलिसनामा ऑनलाइन – Industrialist Punit Balan | दही हांडी में मंडल परिसर में विज्ञापन लगाने के मामले में महापालिका के आकाश चिन्ह विभाग ने उद्यमी पुनीत बालन को शुल्क भरने का नोटिस भेजे जाने से मंडल के पदाधिकारी व कार्यकर्ता आक्रमक हो गए है. आज मंडल के सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने महापालिका पर निषेध मोर्चा निकाल कर पालिका का निषेध करते हुए नोटिस पर रोक लगाने की मांग की. अतिरिक्त आयुक्त डॉ. कुणाल खेमणार ने आने वाले सोमवार को इस संदर्भ में बैठक कर निर्णय लेने का आश्वासन देकर तब तक के लिए शुल्क भरने पर रोक लगा दी है. (Industrialist Punit Balan)

महापालिका के आकाश चिन्ह विभाग के प्रमुख माधव जगताप ने बालन के दहीहंडी के दूसरे दिन से गणेश चतुर्थी के पहले दिन तक शहर में ढ़ाई हजार हजार विज्ञापन बैनर लगाने के मामले में 3 करोड़ 20 लाख रुपए का शुल्क भरने का नोटिस भेजा है. इसे लेकर दहीहंडी व गणेश मंडल के कार्यकर्ता आक्रामक हो गए है. आज मंडल के पदाधिकारियों व कार्यकर्ताओं ने पालिका पर मोर्चा निकालकर प्रशासन के खिलाफ निषेध की घोषणा की.(Industrialist Punit Balan)

नितिन पंडित, ऋषिकेश बालगुडे, शिरीष मोहिते, कुमार रेणूसे, संदीप काले. भाऊ करपे, मयूर उत्तेकर, पुष्कर तुलजापुरकर, राजेंद्र काकडे, पृथ्वीराज निंबालकर,  प्रसाद पटवर्धन, भगवान बलकवडे, विनोद सातव, विनायक कदम, दत्ता सागरे, अनिल सपकाल, अण्णा देशमुख, बालासाहेब खेडेकर, श्याम मारणे के शिष्टमंडल ने अतिरिक्त आयुक्त विकास ढाकणे से मुलाकात कर मांगों का ज्ञापन सौंपा. इस मौके पर ढाकणे ने संबंधित विभाग के अतिरिक्त आयुक्त कुणाल खेमनार से शिष्टमंडल की बात कराई.

खेमनार ने कहा कि बालन को जुर्माने का नोटिस नहीं भेजा गया है. राज्य सरकार ने गणेश मंडलों को उत्सव के दौरान विज्ञापन शुल्क माफ कर दिया है. दहीहंडी और गणेश उत्सव के दौरान लगाए गए विज्ञापन का शुल्क वसूला है. यह जुर्माना नहीं विज्ञापन शुल्क है. आने वाले सोमवार को इस संदर्भ में बैठक बुलाकर निर्णय लेंगे. तब तक यह रकम भरने पर रोक लगा रहे है.

इस बीच मंडल के पदाधिकारियों ने कहा कि बालन को भेजे गए नोटिस में दंड का उल्लेख किया गया है और इसे दो दिन में भरने के लिए कहा गया है. दंड नहीं भरने पर प्रॉपर्टी पर बोझ बढ़ाने की चेतावनी दी गई है. विज्ञापन शुल्क वसूलना था तो मीडिया तक नोटिस भेजने के पीछे अधिकारी की मंशा संदेहास्पद है. शुल्क वसूलना रुटीन बात होने के बावजूद जानबूझकर बालन को बदनाम किया गया है. बालन विज्ञापनदाता है व मंडलों ने अपने परिसर में इसे लगाया था. ऐसे में यह नोटिस मंडलों को भेजने की जरुरत थी. शहर में अनधिकृत होर्डिंग पर कार्रवाई करते वक्त पालिका उन होंर्डिंग पर विज्ञापनदाता कंपनी को दोषी नहीं मानती है. बल्कि होंर्डिंग मालिक पर कार्रवाई होती है. लेकिन इस घटना में विज्ञापन दाता कंपनी को नोटिस भेजने वाले माधव जगताप की मंशा पर संदेह पैदा होता है.

कोरोना के बाद मंडलों को चंदा मिलने में दिक्कत हो रही थी. ऐसे समय में पुनीत बालन ने बड़ी आर्थिक की थी. पुणे के पारंपरिक गणेश उत्सव मनाने वाले मंडलों से इससे ताकत मिली. सरकार के मंडलों के लिए विज्ञापन शुल्क माफ करने के आदेश का उल्लंघन कर महापालिका अधिकारी मनमानी काम कर रहे है. ऐसे में बालन को भेजा गया नोटिस वापस ले अन्यथा सड़क पर उतरकर बड़ा आंदोलन खड़ा करने की चेतावनी शिष्टमंडल के पदाधिकारियों ने दी है.

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