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भोपाल में दिग्विजय सिंह पर भारी पड़ रही है साध्वी प्रज्ञा ठाकुर

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नई दिल्ली : पोलीसनामा ऑनलाईन – लोकसभा चुनाव 2019 के सभी चरणों के मतदान खत्म हो चुके हैं। रविवार शाम आए एग्जिट पोल्स ने एक बार फिर मोदी सरकार की भविष्यवाणी की है ।सभी  एग्जिट पोल्स की मानें तो मोदी एक बार फिर देश के प्रधानमंत्री बनेंगे। बता दें कि 23 मई को असली परिणाम आना है। जिसके बाद यह साफ़ हो जायेगा कि देश का  अगला प्रधानमंत्री कौन होंगा ।

चुनाव खत्म, अब एग्जिट पोल्स भी आ गए,अब सबकी नज़र 23 मई के दिन टिकी है। उसी दिन लोकसभा चुनाव 2019 के परिणाम आना  है। इस दौरान पूरे देश की नजरें कई हाईप्रोफाइल व चर्चित राजनेताओं के सीटों पर भी टिकी रहेंगी।

मध्य प्रदेश की भोपाल लोकसभा सीट इस बार के लोकसभा चुनावों में सबसे ज्यादा चर्चा का केंद्र बन चुकी है। कांग्रेस ने इस सीट पर अपने वरिष्ठ नेता और पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह को उतारा है और दिग्विजय सिंह से टक्कर के लिए भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने साध्वी प्रज्ञा ठाकुर को मैदान में उतारा है। इंडिया टीवी एग्जिट पोल के मुताबिक भोपाल में दिग्विजय पर साध्वी प्रज्ञा भारी पड़ रही है।

राजनीतिक समीकरण – मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल को साम्प्रदायिक सद्भाव और गंगा-जमुनी तहजीब के लिए पहचाना जाता है, मगर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) द्वारा  साध्वी प्रज्ञा ठाकुर  को उम्मीदवार बनाए जाने के बाद ‘हिंदुत्व’ चुनावी मुद्दा बनने लगा है। भोपाल संसदीय क्षेत्र से लगभग एक माह पहले कांग्रेस ने पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह को उम्मीदवार घोषित कर दिया था। भोपाल संसदीय क्षेत्र के इतिहास पर नजर दौड़ाई जाए तो पता चलता है कि वर्ष 1984 के बाद से यहां भाजपा का कब्जा है।  भोपाल संसदीय क्षेत्र में अब तक हुए 16 चुनाव में कांग्रेस को छह बार जीत हासिल हुई है। भोपाल संसदीय क्षेत्र में साढ़े 19 लाख मतदाता है, जिसमें चार लाख मुस्लिम, साढ़े तीन लाख ब्राह्मण, साढ़े चार लाख पिछड़ा वर्ग, दो लाख कायस्थ, सवा लाख क्षत्रिय वर्ग से हैं। मतदाताओं के इसी गणित को ध्यान में रखकर कांग्रेस ने दिग्विजय सिंह को मैदान में उतारा था, मगर भाजपा ने प्रज्ञा ठाकुर को उम्मीदवार बनाकर ध्रुवीकरण का दांव खेला है।

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