पुणे, 28 मई : कोरोना की वजह से लगाए गए लॉकडाउन को देखते हुए राज्य भर के दिव्यांगों को भी बड़ी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है।  उनकी मदद के लिए सरकार से विशेष आर्थिक पैकेज देने की मांग की गई है।  इन मांगों की तरफ सरकार का ध्यान आकर्षित करने के लिए पुणे में भीख मांगों आंदोलन किया गया।  दिव्यांग कल्याण आयुक्तालय के सामने प्रहार अपंग क्रांति संगठन ने यह आंदोलन किया।

प्रहार अपंग क्रांति संगठन के धर्मेंद्र सातव ने बताया कि हमने दिव्यांगों की व्यथा यहां रखी है. कोरोना के संकट के कारण पिछले डेढ़ वर्ष से लगातार लॉकडाउन है।  इसकी वजह से महाराष्ट्र के दिव्यांगों को भारी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है।  कई दिव्यांगों का रोजगार खत्म हो गया है।  कई दिव्यांगों दवारा शुरू की गई लघु उधोग बंद हो गए है।  उनके सामने अपना पेट भरने की गंभीर चुनौती खड़ी हो गई है।  पहले से ही दिव्यांग कोरोना की वजह से निराश है।  उनका काम छीन गया है। महंगाई की मार से उनके लिए जीना मुश्किल हो गया है।

दिव्यांगों की सभी दिक्कतों को देखते हुए सरकार को लॉकडाउन की अवधि में जिस तरह से विभिन्ग वर्गों के लिए मदद की घोषणा की है वैसी ही घोषणा दिव्यांगों के लिए भी होनी चाहिए। लेकिन सरकार ने  दिव्यांग वर्ग को कोई मदद नहीं दी है।  सरकार को कई ज्ञापन दिए गए।  लेकिन सरकार ने उसकी उपेक्षा की।  इस वजह से आंदोलन का रास्ता अपनाते हुए गुरुवार को आंदोलन किया गया।

कोरोना को देखते हुए दिव्यांगों के लिए विशेष आर्थिक पैकेज देने के साथ राज्य  व तालुका स्तर पर दिव्यांग समन्वय समिति गठित करने और जो पहले से समिति मौजूद है के कामकाज की समीक्षा करने, स्पेशल स्कूल के विधार्थियों के अभिभावक को मदद करने, 3% फंड से कोरोना के लिए विशेष उपाय पर खर्च करने जैसी मांगें की गई है।

Leave a comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *