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नई दिल्ली. ऑनलाइन टीम – ‘लॉन्ग कोविड’ को लेकर एक्सपर्ट्स का मानना है कि ठंड बढ़ने और वायु प्रदूषण के चलते रिकवर हो चुके मरीजों को खतरा हो सकता है। उनके मुताबिक, सर्दी और बढ़ते प्रदूषण से ये लक्षण और गंभीर होंगे। उन्होंने कोरोना वायरस के रिकवर्ड मरीजों को फ्लू वैक्सीन लगवाने का सुझाव दिया है। एक शोध के अनुसार, रोम के अस्पताल में भर्ती 143 मरीजों में से 87% में रिकवरी के दो महीने बाद तक कम से कम एक लक्षण पाया गया। कई मरीजों में खांसी, थकान, डायरिया, जोड़ों में दर्द, मांसपेशियों में दर्द, दिल, फेफड़ों और किडनी में डैमेज जैसे लक्षण देखा गया। आधे से ज्यादा ‘लॉन्ग कोविड’ मरीजों ने भारी थकान की शिकायत की।

एम्स (दिल्ली) डायरेक्टर डॉ रणदीप गुलेरिया ने भी कहा कि ‘लॉन्ग कोविड’ वालों को फ्लू टीकाकरण करा लेना चाहिए ताकि पोस्ट-रिकवरी लक्षणों की गंभीरता कम हो सके और फ्लू इन्फेक्शन से भी सुरक्षा मिले।” देशभर के कोविड अस्पतालों में रिकवरी के बाद भी लक्षणों की शिकायत के मामलों का अंबार है। शोधकर्ताओं ने पाया कि फ्लू का टीकाकरण बढ़ाने से न केवल इंफ्लूएंजा की रोकथाम में मदद मिलेगी, बल्कि इससे कोरोना संक्रमण को भी थामा जा सकेगा।

इससे पूर्व के अध्ययन से यह पता लग चुका है कि एक ही समय में दो वायरसों के संचरण से संक्रमण की गति और मारक क्षमता बढ़ जाती है। चिकित्सकों ने भी कहा कि अगर इस सर्दी में आपको निमोनिया और फ्लू के टीके लगाने की सलाह मिली है तो उसे जरूर लगाए। फेस मास्क पहनना कोविड -19 से सुरक्षित रहने के साथ-साथ इस सर्दी में प्रदूषण को रोकने का सबसे प्रभावी तरीका है। प्रदूषण के कारण आउटडोर व्यायाम से बचना भी फायदेमंद होगा।

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