मैसूर के पास एक सुखी झील में मिले शिव जी के ‘नंदी’, लोग मान रहे हैं ‘चमत्कार’

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नई दिल्ली : पुलिसनामा ऑनलाईन – कर्नाटक के मैसूर में एक सूखी झील की खुदाई करते समय नंदी बैल की सैकड़ों साल पुरानी मूर्तियां मिली हैं. नंदी बैल को शंकर भगवान का वाहन मन जाता है. मूर्ति के सामने आने के बाद से स्थानीय लोगों में इसको लेकर विभिन्न तरीके की बातें शुरू हो गई हैं. खुदाई करते समय मिली नंदी की फोटो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही है.

मैसूर से लगभग 20 किमी दूर एक सूखी झील में खुदाई करते के दौरान नंदी को देखा गया था. इस नंदी को देखकर हर कोई हैरान था. यहां नंदी की एक नहीं बल्कि दो मूर्तियां मिली हैं.

सोशल मीडिया के मुताबिक मैसूर के पास अरासिनाकेरे गाँव में यह प्रतिमा पाई गई है. गाँव के कुछ बुजुर्ग झील में नंदी की मूर्ति होने की बात किया करते थे. बुजुर्गों का कहना था कि जब तालाब में पानी कम हो जाता है, तब नंदी का सिर दिखाई देता है. इन बातों की सच्चाई जानने के लिए स्थानीय लोगों ने खुदाई की, जिसमें नंदी होने की हकीकत सामने आ गई.

मिली जानकारी के अनुसार नंदी की मूर्ति खोजने के लिए  ग्रामीणों ने तीन से चार दिनों तक खुदाई जारी रखी थी. इस कार्य में जीसीबी का भी उपयोग किया गया था. अब नंदी की इन प्रतिमाओं को तालाब से निकाल लिया गया है.

17 वीं शताब्दी की मूर्ति –

यह खबर सोशल मीडिया पर वायरल हो गई. सूचना मिलते ही पुरातत्व विभाग के अधिकारी भी यहाँ पहुंच गए हैं. नंदी की इस प्राचीन प्रतिमा को देखकर यह दावा किया जा रहा है कि, ये प्रतिमाएं 16 वीं या 17  वीं शताब्दी की हो सकती है. लोग इसे चमत्कार को मान रहे हैं.

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