मुंबई : मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे घर से बाहर नहीं निकलते हैं। वर्षा में बैठकर राज्य की स्थिति के बारे में पता नहीं चलता है। मुख्यमंत्री ने मिस्टर इंडिया की घड़ी पहनी है, इस तरह की टिप्पणी विपक्ष द्वारा की जाती है। पिछले कुछ दिनों में राज्य में कुछ अप्रिय घटना हुई है, अस्पताल में आग लगने से मरीजों की मौत हुई। हालांकि मुख्यमंत्री ने घटनास्थल पर जाकर जायजा नहीं लिया। दुर्घटना में मृतक के परिजन को सांत्वना नहीं दिया। इस पर विरोधियों ने निशाना साधा। इसका जवाब पर्यटन मंत्री आदित्य ठाकरे ने दिया है।

कही भी दुर्घटना होती है तो तुरंत पुलिस, दमकल और वहाँ का स्थानीय प्रशासन पहुंचता है। उनके द्वारा मदद कार्य पहुंचाया जाता है। ऐसे जगहों पर वीआईपी के जाने से वहाँ के मदद कार्य पर असर पड़ता है। ऐसा आदित्य ठाकरे ने कहा। राज्य में पिछले दिनो कई अप्रिय घटना हुई है। वहाँ स्वास्थ्य मंत्री और पालक मंत्री पहुंचे। उन्होने परिस्थिति का जायजा लिया। इन जगहों पर तुरंत मदद पहुंचाया गया।

हर समय टीवी पर आकर ही सांत्वना नहीं दिया जाता है। हर चीज के लिए टीवी पर आना जरूरी नहीं है। ऐसे शब्दों में आदित्य ने विरोधियों पर निशाना साधा है। दुर्घटनास्थल पर हम गए तो वहाँ भीड़ होती है। पुलिस बंदोवस्त बढाया जाता है। इसका परिणाम वहाँ के मदद कार्य पर होता है। जिस जगह पर मदद कार्य तेजी से होनी चाहिए ऐसी जगहों पर वीआईपी के जाने से विलंब होता है।

आदित्य ने कहा कि कहीं अगर दुर्घटना होती है तो वहाँ के जनप्रतिनिधि, पालक मंत्री वहाँ जाकर परिस्थिति का जायजा लेते हैं। मदद कार्य तेजी से हो इसके लिए कोशिश की जाती है। मुख्यमंत्री जिला प्रशासन से संपर्क कर परिस्थिति का ब्योरा लेते हैं। केंद्र और राज्य के बीच समन्वय रखकर मुख्यमंत्री काम करते हैं। जनरल वार रूम में रहकर काम करना पड़ता है। अन्य राज्य के मुख्यमंत्री भी इसी तरह से काम कर रहे हैं।

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