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नई दिल्ली,पोलिसनामा ऑनलाइन – कोरोना महामारी के बीच देश के किसानों के लिए एक बहुत बड़ी राहत की खबर है। इस साल देश में सामान्य मानसून रहेगा। देश में कोरोना के मामलों और लॉकडाउन के बीच इस पूर्वानुमान का बेहद महत्व माना जा रहा है। बता दें कि चार महीने का दक्षिण पश्चिम मानसून हर साल जून से सितंबर चार महीने हर साल केरल से शुरू होता है। 4 महीने की बरसात के बाद यानी सितंबर के अंत में राजस्थान के रास्ते मानसून की वापसी होती है।

किसान बेसब्री से करते हैं इंतजार : भारत का मौसम विभाग यानी आईएमडी 96 फीसदी से 104 फीसदी के बीच हुई बारिश को औसत या सामान्य मानसून के रूप में परिभाषित करता है। देश के 26 करोड़ किसान धान, गन्ना, मक्का, कपास और सोयाबीन जैसी कई फसलों की बुआई के लिए मानसून की बारिश का इंतजार करते हैं। इसकी सबसे बड़ी वजह यह है कि देश की खेती लायक करीब 50 फीसदी जमीन में सिंचाई की सुविधाओं की कमी है। इसके चलते कृषि उत्पादन का भारत की अर्थव्यवस्था में सिर्फ 14 फीसदी की भागीदारी है। हालांकि, यह सेक्टर देश की करीब 65 करोड़ से अधिक आबादी को रोजगार देता है. भारत की आबादी करीब 130 करोड़ है यानी करीब 50 फीसदी लोगों को खेती-किसानों में रोजगार मिला हुआ है।

अवधि भी शत-प्रतिशत रहने का अनुमान : पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय के सचिव माधवन राजीवन ने कहा कि मानसून के मौसम 2020 के दौरान मात्रात्मक रूप से मानसून वर्षा, मॉडल त्रुटि के कारण +5 या -5% की त्रुटि के साथ इसकी लंबी अवधि के औसत का 100% होने की उम्मीद है। दक्षिण-पश्चिम मानसून खरीफ की फसल जैसे मोटे अनाज, धान, दहलन और तिलहन के जरूरी होते हैं। ऐसे में  किसानों को अच्छी बारिश से राहत मिल सकती है।

उत्तर भारत में रहेगा गर्मी का कहर : इस बीच, बिहार के कई जिलों में मंगलवार की रात अचानक तेज हवा के साथ हुई बारिश के साथ ही ओलावृष्टि से मौसम का मिजाज बदल गया, तो देश की राजधानी दिल्ली का अधिकतम तापमान 41 डिग्री के पहुंच गया।  गर्मी बढ़ने का यह दौर लगातार जारी रहने का अनुमान है। वहीं, भारतीय मौसम विज्ञान विभाग के अनुसार, पाकिस्तान की ओर से आ रही गर्म हवा के कारण यह इसी माह 46 डिग्री सेल्सियस तक जा सकता है। यह गर्म हवा दिल्ली समेत पूरे उत्तर भारत के करोड़ों के लिए आफत बनेगी।

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